फ्रेश रोमांटिक शायरी – अपने सायें से भी ज़यादा

अपने सायें से भी ज़यादा यकीं है मुझे तुम पर,
अंधेरों में तुम तो मिल जाते हो, साया नहीं मिलता……..!!