अल्लामा इक़बाल शायरी – अनोखी वज़ह है सारे ज़माने

अनोखी वज़ह है सारे ज़माने से निराले है..
ये आशिक़ कौन सी बस्ती के या-रब रहने वाले है.! – अल्लामा इक़बाल

Iqbal Shayari